Wednesday, July 1, 2009

सत्तर मिनिट.. शाहरुख़ खान ..चक दे इंडिया


सत्तर मिनिट सत्तर मिनिट है तुम्हारे पास| तुम्हारे जिंदगी के सबसे खास सत्तर मिनिट| इस सत्तर मिनिट में तुम हरो या जीतो लेकिन ये सत्तर मिनिट तुम्हे जिंदगी भर याद रहेंगे| तो कैसे खेलना है .. आज मै तुम्हे नहीं बताऊंगा |बस इतना कहूँगा के जाओ और ये सत्तर मिनिट जी भर कर खेलो क्योंकि इसके बाद आनेवाली जिंदगी में कुछ सही हो या न हो, चाहे कुछ रहे या न रहे, तुम हरो या जीतो लेकिन ये सत्तर मिनिट तुमसे कोई नहीं छीन सकता..कोई नहीं| तो मै सोचता हु के इस मैच में कैसे खेलना है ये मै तुम्हे नहीं बताऊंगा..बल्कि तुम मुझे बताओगे ..खेलकर | क्योंकि मै जनता हु की ये सत्तर मिनिट इस टीम का हर एक प्लेयर अगर अपनी जिंदगी की सबसे बढ़िया हॉकी खेलेगा तो ये सत्तर मिनिट खुदा तुमसे वापस नहीं मांग सकता| तो जाओ और अपनी जिंदगी से,अपने आप से , अपने खुदा से और हर उस शख्स से जिसने तुमपर भरोसा नहीं किया छीन लो ये सत्तर मिनिट..जाओ |

3 comments:

RAJ SINH said...

आवडला भाऊ तुमचा एरिया , येतो .

राजेंद्र माहेश्वरी said...

हिंदी भाषा को इन्टरनेट जगत मे लोकप्रिय करने के लिए आपका साधुवाद |

गोविंद गोयल, श्रीगंगानगर said...

narayan narayan